बुधवार, 10 फ़रवरी 2021

माँ नर्मदा एवं गौ सत्याग्रह जनजागरण कर रहे हैं संत भय्यू जी सरकार

माँ नर्मदा एवं गौ संरक्षण के लिए संत भय्यू जी सरकार कर रहे आहवान

-विश्व की एक मात्र नदी जिसकी परिक्रमा की जाती है, जिसके प्रवाह से निकला कंकर- कंकर शंकर है, जो बगैर प्राण प्रतिष्ठा के स्थापित किया जा सकता हो।पूर्व से पश्चिम दिशा में प्रवाहमान माँ रेवा के दर्शन मात्र से पुण्य मिलता हो ऐसी जीवनदायिनी,सबकी माँ नर्मदा के उदगम स्थल से सम्पूर्ण यात्रा पथ में किए जा रहे अवैध निर्माण,उत्खनन,जल दोहन से माँ नर्मदा का स्वरूप बदलता जा रहा है।कई स्थानों पर माँ नर्मदा की जलराशि विलुप्त हो गई है।माँ नर्मदा एवं गौ संरक्षण के लिए सदगुरु संत श्री भय्यू जी सरकार विगत लगभग 100 दिनों से अन्न आहार त्यागकर सरकार से माँ नर्मदा एवं गौवंश की रक्षा के लिए सत्याग्रह कर रहे हैं।विगत दिनों हरदा के करुणानिधान नवदुर्गा बजरंग मंदिर में संत श्री ने अपने आंदोलन के संबन्ध में विचार व्यक्त किए।श्री भय्यू सरकार ने कहा कि धर्म का सम्बंध जीवन से है।इसका सम्बंध जाति सम्प्रदाय से नही है हमारा समाज ,पंथ समुदायों में विभाजित है।चिंता यह है कि मनुष्य अपने अस्तित्व के बारे में नही सोच रहा है।सभी को पता है जल ही जीवन है बावजूद इसके हमको जल जीवन देने वाली माँ नर्मदा को बचाने की आवश्यकता है।चर्चा चहुंओर है आज चिंतन की आवश्यक है।पीढ़ियों को पीड़ा न हो इस कारण चेतना आवश्यक है।उन्होंने कहा कि हमारा कोई मठ नही है माँ नर्मदा का द्वार ही हमारा ठिकाना है जहाँ आस्था है वही हम बैठे हैं।हमारा आहवान सभी श्रद्धालुओं से है सभी एकजुट होकर नर्मदा एवं गौवंश को बचाने एकजुट हो जाये,पहले मोहल्ले,फिर नगर नगर यह आवाज उठे।माँ नर्मदा एवं गौवंश बचाने के लिए निकाली जा रही जनचेतना यात्रा के अंतर्गत भैय्याजी सरकार ने उपस्थित लोगों को कहा कि उत्खनन एवं बांधो से नर्मदा विलुप्त होती जा रही है सृजन का द्वार,विसर्जन का द्वार होता जा रहा है।नर्मदा में नाले,गंदा पानी मिल रहा है यह हमारी माँ है इसका आँचल गंदा मत कीजिये। 
   
-नर्मदा एवं गौ सत्याग्रह की मांगे
 माँ नर्मदा को जीवंत इकाई बनाया जाए,माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार नर्मदा तट एच एफ एल से 300 मीटर तक हरित क्षेत्र को प्रतिबंधित कर संरक्षित किया जाए,अवैध उत्खनन,अवैध निर्माण रोके जाए,बेसहारा गौवंश के लिए गौचर भूमि संरक्षित की जाए।माँ नर्मदा पथ के तटवर्ती गांव,नगरों में जैवविविधता क्षेत्र घोषित कर समग्र गौनीति गौ अभ्यारण्य सुनिश्चित किए जाए।

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